कांवड़ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में, जिलाधिकारी ने शेष व्यवस्थाएं 25 जुलाई तक पूर्ण करने के दिए निर्देश
पौड़ी जिलाधिकारी ने ली कांवड़ यात्रा हेतु तैनात सभी जोनल तथा सेक्टर मजिस्ट्रेटों की बैठक
यात्रा क्षेत्र सात जोन और 23 सेक्टरों में विभाजित, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
पौड़ी: आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों तथा सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, आपदा प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की बिंदुवार समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए 25 जुलाई तक सभी तैयारियां हर हाल में पूर्ण करें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में किए गए बैठकों तथा निरीक्षण के क्रम में कांवड़ यात्रा की अधिकांश तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं तथा अब केवल कुछ स्थानों पर शेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करना है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा क्षेत्र को प्रभावी निगरानी एवं बेहतर प्रबंधन के लिए सात जोन तथा 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। उन्होंने सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करें, विभागों के साथ सतत समन्वय बनाए रखें तथा व्यवस्थाओं की प्रतिदिन समीक्षा करते हुए किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर स्थायी पिंक टॉयलेट विकसित किए जाएं, जिनमें महिलाओं के लिए फीडिंग रूम, सैनिटरी वेंडिंग मशीन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि अधिकांश स्थानों पर पेयजल कनेक्शन स्थापित कर दिए गए हैं। जिन स्थानों पर पानी की आपूर्ति कम है अथवा अभी उपलब्ध नहीं हो रही है, वहां तत्काल सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी शौचालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान एवं कूड़ा वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए पूरे यात्रा क्षेत्र में नियमित एवं प्रभावी स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
यात्रा मार्गों एवं पार्किंग स्थलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पैदल मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर जहां आवश्यकता हो वहां मरम्मत एवं बजरीकरण का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्राकृतिक पेयजल स्रोतों, पार्किंग स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर आवश्यक साइनेज लगाए जाएं। साथ ही जलभराव एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान कर चेतावनी बोर्ड स्थापित किए जाएं तथा संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित आवश्यक संसाधनों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मार्गों को तत्काल सुचारु किया जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी पार्किंग एवं सेवा स्थलों पर निर्धारित दरों की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने तथा भीड़ की स्थिति में किसी प्रकार की अव्यवस्था अथवा भगदड़ से बचाव के लिए पुलिस विभाग के समन्वय से आवश्यक बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात एवं भीड़ नियंत्रण की कार्ययोजना सभी संबंधित हितधारकों के साथ साझा करने पर भी जोर दिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों से क्षेत्रवार सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर अभी भी कुछ कमियां शेष हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा के भीतर दूर किया जाए। साथ ही सभी अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित स्थलीय निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं की सतत निगरानी बनाए रखें तथा कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील, सहयोगात्मक एवं जनहितकारी व्यवहार सुनिश्चित करें, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
इस अवसर पर एडीएम एफ आर चौहान, एएमए जिला पंचायत संजय खंडूरी, एसडीएम चतर सिंह चौहान सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी तथा सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे।

