टिहरी जिले के दिव्यांग पुनर्वास केंद्र पर ताला लटकने के आसार, बजट के अभाव में संचालन ठप

एक साल से नहीं मिला बजट, ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति ने संचालन से खड़े किए हाथ

नई टिहरी। टिहरी जिले में दिव्यांगजनों को सहारा देने वाला जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) बजट संकट से जूझ रहा है। पिछले करीब एक साल से बजट नहीं मिलने के कारण केंद्र का संचालन कर रही ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति (राड्स) ने अब संचालन से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जिले के हजारों दिव्यांगजनों को मिलने वाली पुनर्वास सेवाएं प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।

समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र पिछले कई वर्षों से दिव्यांगजनों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। केंद्र में दिव्यांग प्रमाण पत्र, सहायक उपकरण, फिजियोथैरेपी, स्पीच थैरेपी, विशेष शिक्षा, मानसिक दिव्यांगजनों के लिए पुनर्वास सेवाएं सहित कई सुविधाएं दी जाती हैं।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार टिहरी जिले में करीब 15 हजार दिव्यांगजन पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 11 हजार शारीरिक और करीब चार हजार मानसिक दिव्यांग शामिल हैं। केंद्र बंद होने से इन लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सेवाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

डीडीआरसी में फिजियोथैरेपिस्ट, स्पीच थैरेपिस्ट, विशेष शिक्षक, पुनर्वास कार्यकर्ता सहित अन्य विशेषज्ञ सेवाएं देते हैं। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद की जाती है।

वहीं संचालन संस्था राड्स ने बजट उपलब्ध न होने के कारण आगे केंद्र चलाने में असमर्थता जताई है। इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जल्द ही जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर केंद्र संचालन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।